श्याम सुन्दर श्री जमुने महरानी की जय ...
(झारीजी भरते समय बोलने का श्लोक)
प्रियारति श्रमहरं सुगन्धि परिशीतलं,
यामुनंवारि पात्रेस्मिन भव श्रीकृष्ण तापहृत
इदंपानीय पात्रंहि व्रजनाथाय कल्पितं,
व्रज - ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी Wednesday, 13 May 2026 अपरा एकादशी केसरी धोती पटका एवं श्रीमस्तक पर दुमाला पर सेहरा के श्रृंगार दिन दुल्हे तेर...
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