By Vaishnav, For Vaishnav

Monday, 19 October 2020

ठाकुरजी की हवेली क्यो कहते हे

ठाकुरजी की हवेली क्यो कहते हे

श्रीनाथजी का निवास स्थान है। इसीलिए वे इसे मंदिर नहीं, अपितु ठाकुरजी की हवेली कहते हैं।

मंदिर के विभिन्न कक्ष  जो इस प्रकार हैं:
• दूधघर – दूध संचय कक्ष
• पानघर – पान के पत्तों का संचय कक्ष
• मिश्रीघर – मिश्री का संचय कक्ष
• पेडाघर – पेडे का संचय कक्ष
• फूलघर – पुष्प संचय कक्ष
• रसोईघर – पाक कक्ष
• गहनाघर – गहनों का कक्ष
• अश्वशाला – घुड़साल
• बैठक – बैठने का कक्ष

No comments:

Post a Comment

व्रज - चैत्र शुक्ल तृतीया

व्रज - चैत्र शुक्ल तृतीया  Saturday, 21 March 2026 छबीली राधे,पूज लेनी गणगौर ।  ललिता विशाखा,सब मिल निकसी, आइ वृषभान की पोर, सधन कुंज गहवर व...