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Tuesday, 1 August 2023

व्रज – अधिक श्रावण कृष्ण प्रतिपदा

व्रज – अधिक श्रावण कृष्ण प्रतिपदा
Wednesday, 02 August 2023

बैंगनी (शोशनी) मलमल के धोती-पटका एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग पर गोल चंद्रिका के शृंगार

आज के मनोरथ-

राजभोग में सूखे मेवे की मंडली

शाम को सूखे मेवे का हिंडोलना

राजभोग दर्शन - 

कीर्तन – (राग : मल्हार)

तेसीय हरित भूमि तेसीय बूढ़न शोभा तेसोई इन्द्र को धनुष मेहसों l
तेसीय घुमड़ घटा वरषत बूंदन तेसेई नाचत मोर नेह सों ll 1 ll
वृन्दावन सघन कुंज गिरीगहवर विरहत श्याम श्यामा सोहें दामिनी सं देहसों l
‘छीतस्वामी’ गुननिधान गोवर्धनधारी लाल मध्य तहां गान करत लाल तान गेहसों ll 2 ll

साज – आज श्रीजी में बैंगनी (शोशनी) रंग की मलमल पर रुपहली ज़री की तुईलैस के हांशिया (किनारी) वाली पिछवाई धरायी जाती है. गादी, तकिया और चरणचौकी के ऊपर सफेद बिछावट की जाती है.

वस्त्र – श्रीजी को आज बैंगनी (शोशनी) मलमल की धोती एवं राजशाही पटका धराया जाता है. दोनों वस्त्र सुनहरी ज़री की तुईलैस की किनारी से सुसज्जित होते हैं. ठाड़े वस्त्र अमरसी रंग के होते हैं.

श्रृंगार – श्रीजी को आज छोटा (कमर तक) हल्का श्रृंगार धराया जाता है. मोती के सर्व आभरण धराये जाते हैं. 
श्रीमस्तक पर बैंगनी (शोशनी) रंग की गोल पाग के ऊपर सिरपैंच, गोल चंद्रिका,लूम एवं बायीं ओर शीशफूल धराया जाता है. श्रीकर्ण में एक जोड़ी कर्णफूल धराये जाते हैं.
 श्वेत एवं पीले पुष्पों की दो सुन्दर मालाजी धरायी जाती हैं. 
श्रीहस्त में कमलछड़ी, वेणु वेत्र चाँदी के धराये जाते हैं.
पट बैंगनी एवं गोटी चाँदीकी आती हैं.

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