By Vaishnav, For Vaishnav

Wednesday, 12 August 2020

जन्माष्टमी की बधाई

जन्माष्टमी की बधाई

राग मारू

श्रीगोपाललाल गोकुल चले हो बल बल तिहिं काल।
मोदभरे वसुदेव गौद ले अखिल लोक प्रतिपाल।।१।।

 उदय जैसे तम फूटत खुली गए तैसे कुटिल कपाट।
महा वेग बल छांड आपनो दीनी श्रीजमुना वाट।।२।।

भोर भये जैसे कुमुदिनी मुंदत कंसादिक भये मोहे।
संत जनन के मन अंबुज वन फुले डहडहे सोहे।।३।।

बारबार फुही फुलसी बरखत अंबर अंबुद छायो।
अपनों निज वपु सेस जानिके बुंद बचावन आयो।।४।।

परम धाम जग धाम श्याम अभिराम श्रीगोकुल आये।
नंददास आनंद भयो ब्रज हरखित मंगल गाये।।५।।

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