By Vaishnav, For Vaishnav

Tuesday, 11 August 2020

मैया मोहे माखन मिसरी भावे

मैया मोहे माखन मिसरी भावे 

मैया मोहे माखन मिसरी भावे

मीठो दधि, मिठाई, मधुधृत, अपने करसो क्यो ना खवावे ॥१॥

कनक कटोरी दे कर मेरे, गो दोहन क्यो ना सिखावे ।

ओट्यो दूध , धेनु धोरिको , भरके कटोरा क्यो ना खिवावे ॥२॥

अजहू ब्याह करत नही मेरो, तोहे नींद कैसे आवे ।

चत्रभुज़प्रभू गिरिधरकी बतियाँ , सुनके उछंग पयपान करावे ॥३॥

मैया मोहे मकहन मिसरी भावे ।

जय श्री बालकृष्ण लाल की जय 

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