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Sunday, 7 June 2026

व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी Monday, 08 June 2026

व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी 
Monday, 08 June 2026

श्वेत धोती, गाती का पटका एवं श्रीमस्तक पर श्वेत घेरा के श्रृंगार 
           
श्रीजी में
प्रातः - श्वेत कमल मंडली 
शाम - मचक मचक झूले 
प्रियाजी में
प्रातः - कली की मंडली 
शाम - यमुना पुलीन हिंडोलना 

राजभोग दर्शन – 

कीर्तन – (राग : सारंग)

आज ठाड़े लाल मुकुट धरे l
वदन लसत मकराकृत कुंडल रतिपति मन जु हरे ll 1 ll
अरुन अधर और चिबुक चारु बन्यो दुलरी मोहन माल गरे l
अति सुगंध और चंदन खोर किये पहोंची मोतीन की लरे ll 2 ll
कर मुरली कटि लाल काछनी किंकणी नूपुर शब्द करे l
गुन भरे ‘कृष्णदास’ प्रभु राधा निरख नेन ईत ऊत न टरे ll 3 ll

साज – आज श्रीजी में मोर के भाव की श्वेत जाली की कलात्मक पिछवाई धरायी जाती है.

वस्त्र – आज प्रभु को श्वेत मलमल धोती एवं गाती का पटका धराया जाता हैं.

श्रृंगार – आज श्रीजी को मध्य का (घुटने तक) ऊष्णकालीन हल्का श्रृंगार धराया जाता है. मोती के सर्व आभरण धराये जाते हैं. श्रीमस्तक पर कूल्हे पर रूपहरा घेरा एवं बायीं ओर शीशफूल धराये जाते हैं. श्रीकर्ण में मोती के मयूराकृति कुंडल धराये जाते हैं. 
श्रीकंठ में कली आदि सभी माला धरायी जाती हैं. तुलसी एवं श्वेत पुष्पों की दो सुन्दर, कलात्मक मालाजी धरायी जाती हैं. श्रीहस्त में तीन कमल की कमलछड़ी, चांदी के वेणुजी एवं दो वेत्रजी धराये जाते हैं.
पट ऊष्णकाल का व गोटी हकीक की बड़ी आती है.

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व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी  Monday, 08 June 2026 श्वेत धोती, गाती का पटका एवं श्रीमस्तक पर श्वेत घेरा के श्रृंगार              श्र...