व्रज -विस 2083 श्रावण शुक्ल दशमी
Saturday, 22 August 2026
लाल पीली एकदानी चूंदड़ी का पिछोड़ा और श्रीमस्तक पर ग्वाल पगा पर पगा चन्द्रिका के श्रृंगार
राजभोग दर्शन –
कीर्तन – (राग : धनाश्री)
यशोदारानी जायो है सुत नीको l
आनंदभयो सकल गोकुलमे गोपवधू लाई टीको ll 1 ll
अक्षत दूब रोचन बंदन नंदे तिलक दही को l
अंचल बारि बारि मुख निरखत कमल नैन प्यारो जीकौ ll 2 ll
अपने अपने भवन से निकसी पहेरे चीर कसुम्भी को l
'यादवेन्द्र' व्रजकुल प्रति पालक कंस काल भय भीकौ ll 3 ll
साज - प्रभु को लाल पीली एकदानी चूंदड़ी की पिछवाई है. गादी और तकिया के ऊपर सफेद बिछावट की है तथा स्वर्ण की रत्नजड़ित चरणचौकी के ऊपर हरी मखमल मढ़ी हुई है.
वस्त्र – आज प्रभु को लाल पीली एकदानी चूंदड़ी का पिछोड़ा धराया है. ठाड़े वस्त्र हरे रंग के धराये हैं.
श्रृंगार – आज श्रीजी को छेड़ान का (कमर तक) श्रृंगार धराया है.
मोती के आभरण धराये हैं.
श्रीमस्तक पर लाल पीली एकदानी चूंदड़ी के ग्वाल पगा के ऊपर पगा चन्द्रिका धरायी है.
श्रीकर्ण में मोती के लोलकबिन्दी लड़ वाले कर्णफूल धराये हैं. कमल माला धरायी है.
पुष्पों की सुन्दर थाग वाली दो सुन्दर मालाजी धरायी हैं.
श्रीहस्त में कमलछड़ी, चांदी के वेणुजी एवं दो वेत्रजी धराये जाते हैं.
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