By Vaishnav, For Vaishnav

Thursday, 27 August 2020

प्रभु बोले मैया मुझे आप से कुछ चाहिए

एक बार प्रभु यसोदा जी की गोदी मै बैठ के खेल रहे थे खेलते खेलते प्रभु बोले मैया मुझे आप से कुछ चाहिए मोहे ऐसी दुल्हन भावे की गोदी मै बैठ सिंगार करे गोदी मै उठा के बहार ले जाए मुझे ऎसी दुल्हन ला दीजिये....
मैया तो सोच मै पड़ गई की ऐसी दुल्हन क्हा मिले?
मैया का ये मनोरथ साढ़े चार हजार वरस बाद श्री वल्लभ ने पुरो कियो कैसे?
सब जिव को ब्रह्मसम्बध् करवा दिये सब ठाकुरजीकी दुल्हन बन गये प्रत्येक जीव् को विवाह करवा दियो आज हम सब प्रभुको गोदी मै लेके सिंगार करते हे झांपी जी मै पधराय के बाहर लेजाते हे....कितनीकृपा करि श्री वललभ ने हमजीव् पर ब्रह्मसमन्ध करवा  कर.........

No comments:

Post a Comment

विस २०८३ श्रावण शुक्ल प्रतिपदाThursday, 13 August 2026

विस २०८३ श्रावण शुक्ल प्रतिपदा Thursday, 13 August 2026 हरे एवं सफ़ेद रंग के लहरिया का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग पर जमाव के क़तरा...