By Vaishnav, For Vaishnav

Wednesday, 20 March 2024

व्रज - फाल्गुन शुक्ल द्वादशी

व्रज - फाल्गुन शुक्ल द्वादशी
Thursday, 21 March 2024

आवत लाल गुपाल लिये सूने,
 मग मिली इक नार नवीनी।
त्यौं 'रसखानि' लगाई हिय भट् ,
मौज कियौ मनमांहि अधीनी।।
सारी फटी सुकुमारी हटी अंगिया ,
दरकी सरकी रंगभीनी।
गाल गुलाल लगाइ कै अंक ,
रिझाई बिदा कर दीनी।।

आप (तिलकायत श्री) के द्वादशी के श्रृंगार

No comments:

Post a Comment

व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशीSaturday, 27 June 2026

व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी Saturday, 27 June 2026 नित्यलीलास्थ तिलकायत श्री गिरिधारीजी महाराज श्री (वि.सं.१८९९) का उत्सव केसरी ध...