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Monday, 25 May 2026

व्रज - विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (प्रथम) व्रत की एकादशी कल 27 मई को Tuesday, 26 May 2026

व्रज - विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी (प्रथम) व्रत की एकादशी कल 27 मई को 
Tuesday, 26 May 2026

अंगूरी मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग पर तुर्रा का श्रृंगार

आज के मनोरथ 

राजभोग में फलफूल की मंडली 
शाम को फ़लफ़ूल का हिंडोलना 

राजभोग दर्शन –

कीर्तन – (राग : सारंग)

भलेई मेरे आये हो पिय 
भलेई मेरे आये हो पिय ठीक दुपहरी की बिरियाँ l
शुभदिन शुभ नक्षत्र शुभ महूरत शुभपल छिन शुभ घरियाँ ll 1 ll
भयो है आनंद कंद मिट्यो विरह दुःख द्वंद चंदन घस अंगलेपन और पायन परियां l
'तानसेन' के प्रभु मया कीनी मों पर सुखी वेल करी हरियां ll 2 ll

साज - आज श्रीजी में अंगूरी मलमल की पिछवाई धरायी है.
गादी, तकिया एवं चरणचौकी पर सफ़ेद बिछावट की है.

वस्त्र – आज श्रीजी को अंगूरी रंग की मलमल का पिछोड़ा धराया है.

श्रृंगार – आज प्रभु को छेड़ान का (कमर तक) ऊष्णकालीन हल्का श्रृंगार धराया है. मोती के आभरण धराये हैं.
श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग के ऊपर कतरा धराये हैं.
श्रीकर्ण में एक जोड़ी कर्णफूल धराये हैं. पुष्पों की कलात्मक थागवाली मालाजी धरायी हैं.
श्रीहस्त में कमलछड़ी, सूवा वाले वेणुजी एवं एक वेत्रजी धराये हैं. पट ऊष्णकाल का व गोटी राग रंग की है.

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