व्रज - विस २०८३ अधिक ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी
Sunday, 14 June 2026
गुलाबी मलमल का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर मोती का किरीट के श्रृंगार
श्रीजी में
प्रातः - मोती का बंगला का मनोरथ
प्रियाजी में
प्रातः - हटड़ी का मनोरथ
राजभोग दर्शन –
कीर्तन – (राग : सारंग)
आज ठाड़े लाल मुकुट धरे l
वदन लसत मकराकृत कुंडल रतिपति मन जु हरे ll 1 ll
अरुन अधर और चिबुक चारु बन्यो दुलरी मोहन माल गरे l
अति सुगंध और चंदन खोर किये पहोंची मोतीन की लरे ll 2 ll
कर मुरली कटि लाल काछनी किंकणी नूपुर शब्द करे l
गुन भरे ‘कृष्णदास’ प्रभु राधा निरख नेन ईत ऊत न टरे ll 3 ll
साज - आज श्रीजी में गुलाबी जालीदार पिछवाई धरायी है. गादी, तकिया एवं चरणचौकी पर सफेद बिछावट की है.
वस्त्र – श्रीजी को आज गुलाबी मलमल का पिछोड़ा धराया है.
श्रृंगार – आज प्रभु को वनमाला के (चरणारविन्द तक) ऊष्णकालीन हल्का श्रृंगार धराया है. मोती के सर्व आभरण धराये हैं.
श्रीमस्तक पर मोती का किरीट पान धराया है.
श्रीकर्ण में मोती के कुंडल धराये हैं. कली आदि की माला धराई है. पुष्पों की दो सुन्दर मालाजी भी धरायी हैं. श्रीहस्त में कमलछड़ी, चांदी के वेणुजी एवं वेत्रजी धराये हैं.
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