By Vaishnav, For Vaishnav

Tuesday, 5 May 2026

व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी(द्वितीय)

व्रज - विस २०८३ ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी(द्वितीय)
Wednesday, 06 May 2026

चंदनी मलमल का आड़बंद एवं श्रीमस्तक पर गोल पाग पर गोल चंद्रिका के श्रृंगार

राजभोग दर्शन – 

कीर्तन – (राग : सारंग)

भलेई मेरे आये हो पिय 
भलेई मेरे आये हो पिय ठीक दुपहरी की बिरियाँ l
शुभदिन शुभ नक्षत्र शुभ महूरत शुभपल छिन शुभ घरियाँ ll 1 ll
भयो है आनंद कंद मिट्यो विरह दुःख द्वंद चंदन घस अंगलेपन और पायन परियां l
'तानसेन' के प्रभु मया कीनी मों पर सुखी वेल करी हरियां ll 2 ll

साज - आज श्रीनाथजी में चंदनी मलमल की पिछवाई धरायी जाती है. गादी, तकिया एवं चरणचौकी पर सफ़ेद बिछावट की गयी है.

वस्त्र – आज श्रीजी को चंदनी मलमल का आड़बंद धराया जाता है. 

श्रृंगार – आज प्रभु को छोटा (कमर तक) ऊष्णकालीन श्रृंगार धराया जाता है. मोती के आभरण धराये जाते हैं. 
श्रीमस्तक पर चंदनी गोल पाग के ऊपर सिरपैंच, गोल चंद्रिका एवं बायीं ओर शीशफूल धराये जाते हैं. 
श्रीकर्ण में एक जोड़ी कर्णफूल धराये जाते हैं. 
श्वेत पुष्पों की सुन्दर थागवाली दो कलात्मक मालाजी धरायी जाती हैं.
श्रीहस्त में कमलछड़ी, झीने लहरिया के वेणुजी एवं वेत्रजी धराये जाते हैं.
पट ऊष्णकाल व गोटी हकीक के आते है.

No comments:

Post a Comment

व्रज - विस २०८३ अश्विन कृष्ण प्रतिपदा Sunday, 27 September 2026

व्रज - विस २०८३ अश्विन कृष्ण प्रतिपदा  Sunday, 27 September 2026 स्याम पीले (नाहरशाही) लहरियाँ का पिछोड़ा एवं श्रीमस्तक पर छज्जेदार पाग पर क...